| तारीख | आयोजन | समय |
|---|---|---|
| सोमवार, दि. १४ सितंबर २०२६ | गणेश जी का आगमन | सुबह ८:३० बजे |
| सोमवार, दि. १४ सितंबर २०२६ | गणेश जी की प्राण प्रतिष्ठापना | सुबह ११:११ मि |
| सोमवार, दि. १४ सितंबर २०२६ | प्रेम मंदिर की विद्युत रोषनाई का उद्घाटन | शाम ७:०० बजे |
| सोमवार, दि. १४ सितंबर २०२६ | गणेश याग ( उत्सव मंडप ) शुभारंभ | दोपहर १:०० बजे |
| मंगलवार, दि. १५ सितंबर २०२६ | ३५००० माता बहनों का सामुदायिक अथर्वशीर्ष पठन | सुबह ६:०० बजे |
| मंगलवार, दि. १५ सितंबर २०२६ | श्री हरी जागर | रात १०:०० ते २:०० तक |
| मंगलवार, दि. १५ सितंबर ते गुरुवार, दि. २४ सितंबर २०२६ | दैनिक अभिषेक पूजा | सुबह ७:०० से शाम ५:०० तक |
| बुधवार, दि. १६ सितंबर २०२६ | सामूहिक सूर्यनमस्कार | सकाळी ६:०० बजे |
| गुरुवार, दि. १७ सितंबर २०२६ | सामूहिक अग्निहोत्र | सुबह ६:०० से ७:०० |
| मंगलवार, दि. २२ सितंबर २०२६ | मंत्र जागर ( एकादशी ) | दोपहर ४:०० बजे |
| गुरुवार, दि. २४ सितंबर २०२६ | सत्यविनायक पूजा | शाम ५:०० से ७:०० |
| गुरुवार, दि. २४ सितंबर २०२६ | हल्दी कुंकुम | शाम ७:०० बजे |
| शुक्रवार, दि. २५ सितंबर २०२६ | विसर्जन यात्रा | दोपहर ४:०० बजे |
श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई गणपती बाप्पा करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र हैं। इस वर्ष गणेशोत्सव के 134 वर्ष पूरे हो रहे हैं। हर साल हम सजावट के रूप में देश भर के विभिन्न मंदिरों और राजमहलों की प्रतिकृतियां बनाते आए हैं। इससे यहाँ के लोगों को भारत की विविध और समृद्ध संस्कृति का परिचय मिलता है और यहाँ के लोगों तथा संबंधित राज्यों के लोगों के बीच भावनात्मक रिश्ता और अधिक मजबूत होता है। इसी दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए, इस वर्ष हमने वृंदावन, उत्तर प्रदेश के भव्य 'प्रेम मंदिर' की प्रतिकृति को सजावट के रूप में साकार किया है। यह मंदिर प्रेम और सद्भावना का प्रतीक है। इस वर्ष की सजावट में विशेष विद्युत रोषणाई (लाइटिंग) की जाएगी, जो इस भव्य मंदिर की सुंदरता को और अधिक बढ़ाएगी। इसमें बाप्पा का मनमोहक मखर और उस मखर के दोनों ओर श्री कृष्ण तथा श्री राधा की सुंदर मूर्तियां विराजमान होंगी, जो भक्तों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेंगी। इस अवसर पर सभी गणेश भक्तों को इस वर्ष के गणेशोत्सव का हार्दिक आमंत्रण है! आइए, बाप्पा के दर्शन लीजिए और उनके दिव्य आशीर्वाद का अनुभव लीजिए।